Wednesday, September 26, 2018

मै जो इनके साथ होता हूँ रब साथ होता है


कुछ लोगों सवरना किसी एक के लिए होता है 
जिन्दगी का सबब किसी का मुस्कुराना होता है 
लोग कहते है इसे ही इबादत, इसे ही तिजारत 
मेरा सर भी ऐसे ही इबादतों में झुका होता है 

उसके ख्यालों या उसके ‘ख्वाबों’ में गुम होता है 
वक्त का हर मंझर में एक ही अक्स बना होता है 
वो जो लगता है जी रहे खुद के लिए गलत है शायद 
उनका जिन्दगी जीना उस ख्वाब का जीना होता है 

कभी वक्त मिले तो फुर्सत से तप्सरा करूंगा 
कैसे कोई ख्वाब जीने की वजह बन जाता है 
कैसे वो जी लेते है एक एहसास के साये में 
सर झुकता हूँ रब का जो इनका साथ दिया मुझे 

मै जो इनके साथ होता हूँ रब साथ होता है 

---डॉ अलोक त्रिपाठी 

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